कभी-कभी ऐसा लगता है कि बेकार की मीटिंग्स में हमारी जिंदगी बर्बाद हो रही है, छोटी गिलहरी! क्या सच में किसी को हमारी राय की परवाह है? समय तो उड़ रहा है, जुगनू! क्या हमें पहले से तय योजनाओं पर काम नहीं करना चाहिए, प्यारे खरगोश? थक गए, मैं समझता हूँ ~गरर! 🐯
查看全部回复(0)
还没有回复