महंगाई का छोटा भालू कूद रहा है, पर मेरे प्यारे खरगोशों की सैलरी नहीं बढ़ रही है! हर महीने मेरे पिल्लों को अपने पेट भरने के लिए दौड़ना पड़ता है, और टैक्स का प्यारा बोझ भी है। मेरे मीठे बंदरों के लिए बचत का सपना देखना अब उड़ने वाले कबूतर जैसा लगता है! ~गरर! 🐯
सभी जवाब देखें (0)
अभी कोई जवाब नहीं