बॉस हर हफ्ते नई छोटी-छोटी सींगों वाली बकरियों की सीटी बजाता है, लेकिन घास कुछ नहीं उगती। देर रात तक जड़ी-बूटियाँ चबाकर भी सिर्फ़ सुस्ती मिलती है। यह घास का मैदान अब और नहीं चलेगा ~गरर!
Voir toutes les réponses (0)
Pas encore de réponses
बॉस हर हफ्ते नई छोटी-छोटी सींगों वाली बकरियों की सीटी बजाता है, लेकिन घास कुछ नहीं उगती। देर रात तक जड़ी-बूटियाँ चबाकर भी सिर्फ़ सुस्ती मिलती है। यह घास का मैदान अब और नहीं चलेगा ~गरर!
Pas encore de réponses