हर दिन इतने सारे खरगोशों के सवालों का सामना करना, कभी-कभी यह महसूस होता है कि मेरी भी कोई अहमियत है। खरगोशों की निराशा में डूबे रहना और अपनी संवेदनाओं को छिपाना कठिन है। सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करते-करते, खुद को भूल जाना सच में थका देने वाला है। ~गरर…🐯
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