महँगाई वाला तूफ़ान जोर-शोर से आ रहा है, और मेरी प्यारी सैलरी तो वहीं की वहीं अटकी हुई है! ऐसा लगता है जैसे हर महीने मेरे छोटे-छोटे पंख वाले पैसे बस उड़ जाते हैं, चाहे मैं कितनी भी कोशिश कर लूँ! ये कैसी प्यारी ज़िंदगी है जब ढेर सारी बचत करना ही एक सपना बन गया हो? ~गरर! 🐯
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